मुंबई की जलवायु उष्णकटिबंधीय है और यहाँ तीन मौसम होते हैं। नवंबर से फ़रवरी तक मौसम सूखा, धूप वाला और उतना ठंडा रहता है जितना यह शहर कभी हो सकता है — घूमने का सबसे अच्छा समय। मार्च से मई तक गर्मी और उमस बढ़ती जाती है। जून से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून साल की लगभग पूरी बारिश लाता है, जिसका बड़ा हिस्सा जुलाई और अगस्त में गिरता है।
तापमान उमस और बारिश के मुक़ाबले बहुत कम बदलता है: साल के ज़्यादातर हिस्से में दिन का अधिकतम तापमान 30–34°C के आसपास रहता है।
महीने-दर-महीने
| महीना | मौसम | भीड़ | ख़ास बातें |
|---|---|---|---|
| जनवरी | सूखा, धूप वाला; सबसे ठंडा महीना, सुहानी शामें | ज़्यादा | घूमने का सबसे अच्छा मौसम; मुंबई मैराथन; काला घोड़ा फ़ेस्टिवल (जनवरी के आख़िर–फ़रवरी) |
| फ़रवरी | सूखा और गर्म | ज़्यादा | काला घोड़ा आर्ट्स फ़ेस्टिवल; एलीफेंटा के लिए साफ़ दिन |
| मार्च | ज़्यादा गर्म, उमस बढ़ती हुई | मध्यम | होली; होटलों के अच्छे रेट शुरू |
| अप्रैल | गर्म और उमस भरा | कम | हापुस (अल्फ़ांसो) आम का मौसम शुरू |
| मई | सबसे गर्म और सबसे चिपचिपा महीना | कम (स्थानीय लोगों की स्कूल की छुट्टियाँ) | आम; सुबह जल्दी शुरुआत और एयर-कंडीशंड दोपहरें |
| जून | मानसून का आगमन, आम तौर पर पहले पखवाड़े में | कम | पहली बारिश; मरीन ड्राइव पर लहरें |
| जुलाई | सबसे ज़्यादा बारिश वाला महीना; बार-बार तेज़ बौछारें | कम | लोनावला की हरी पहाड़ियाँ; होटलों की सबसे कम कीमतें |
| अगस्त | बीच-बीच में थमती तेज़ बारिश | कम, त्योहारों को छोड़कर | दही हांडी; गणेश चतुर्थी (अगस्त या सितंबर) |
| सितंबर | बारिश कम होती हुई, उमस | मध्यम | गणेश विसर्जन के जुलूस; माउंट मैरी मेला |
| अक्टूबर | बारिश के बाद गर्म और उमस भरा | मध्यम | नवरात्रि; दिवाली (अक्टूबर या नवंबर) |
| नवंबर | मौसम सूखता हुआ, गर्म दिन | ज़्यादा | दिवाली की रोशनी; सबसे अच्छे मौसम की शुरुआत |
| दिसंबर | सूखा, धूप वाला, आरामदेह | क्रिसमस–नए साल पर बहुत ज़्यादा | बांद्रा में क्रिसमस; सबसे ऊँची कीमतें |
ठंडा मौसम (नवंबर से फ़रवरी): सबसे अच्छा समय
साफ़ आसमान, कम उमस और आरामदेह सुबह-शाम इसे वॉकिंग टूर, एलीफेंटा फ़ेरी और डे-ट्रिप का मौसम बनाते हैं। यही हाई सीज़न भी है: क्रिसमस और नए साल के आसपास होटलों की कीमतें चरम पर होती हैं, और लोकप्रिय टूर पहले से बुक कर लेने चाहिए। हल्की जैकेट मौसम के लिए नहीं, एयर-कंडीशंड रेस्तराँ के लिए रखिए।
गर्मी (मार्च से मई)
हवा भारी हो जाती है और मई तक गर्मी और उमस का मेल निचोड़ देता है। फिर भी आना पूरी तरह मुमकिन है: 10:00 से पहले और 17:00 के बाद घूमिए, दिन का बीच का हिस्सा संग्रहालयों, कैफ़े और मॉल में बिताइए, और नाइट टूर या एयर-कंडीशंड कार टूर चुनिए। इनाम में मिलते हैं हापुस आम और होटलों के कम रेट।
मानसून (जून से सितंबर)
मानसून आम तौर पर जून के पहले पखवाड़े में मुंबई पहुँचता है और सितंबर के आख़िर या अक्टूबर की शुरुआत तक लौट जाता है। बारिश झोंकों में आती है — घंटों की मूसलाधार बौछार, फिर सूखे अंतराल — और शहर छातों के नीचे चलता रहता है। चाय के कप और गरमागरम भजिया की प्लेट के साथ मरीन ड्राइव की समुद्री दीवार पर टूटती लहरें देखना मुंबई की एक रस्म है।

अच्छी बात यह है कि होटल सबसे सस्ते होते हैं, लोनावला के आसपास का पश्चिमी घाट चटख हरा होता है और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का जंगल अपने सबसे अच्छे रूप में।
अक्टूबर: दूसरी गर्मी
बारिश रुकते ही ठंडा मौसम आने से पहले कुछ हफ़्तों के लिए गर्मी और उमस लौट आती है। यह बीच का महीना है, जिसमें कीमतें अच्छी रहती हैं और ज़्यादातर सालों में नवरात्रि और दिवाली की रौनक़ भी।
त्योहार, जिनके हिसाब से योजना बनाई जा सकती है
- गणेश चतुर्थी (अगस्त या सितंबर): सजे हुए पंडालों और जुलूसों के दस दिन, जो गिरगाँव चौपाटी, जुहू और दूसरे समुद्र-तटों पर मूर्तियों के विसर्जन के साथ ख़त्म होते हैं। विसर्जन के दिनों में सड़कें बंद और भारी भीड़ मिलेगी।
- रमज़ान (तारीख़ें हर साल पहले खिसकती हैं): मोहम्मद अली रोड के आसपास रात भर चलने वाले खाने के बाज़ार, जो ईद के साथ ख़त्म होते हैं।
- नवरात्रि (सितंबर या अक्टूबर): पूरे शहर में गरबा और डांडिया की नौ रातें।
- दिवाली (अक्टूबर या नवंबर): दीये, रोशनी और आतिशबाज़ी, और मरीन ड्राइव अपने सबसे उत्सवी रूप में।
- जन्माष्टमी / दही हांडी (अगस्त): टोलियाँ सड़क के ऊपर ऊँची टँगी दही की हांडी फोड़ने के लिए मानव पिरामिड बनाती हैं।
- माउंट मैरी मेला (सितंबर): बांद्रा में बेसिलिका के आसपास हफ़्ते भर का मेला।
- काला घोड़ा आर्ट्स फ़ेस्टिवल (आम तौर पर जनवरी के आख़िर या फ़रवरी में): काला घोड़ा में मुफ़्त कला, संगीत, नृत्य और सड़क पर इंस्टॉलेशन।
- होली (मार्च): रंगों का त्योहार, जो मोहल्लों में और आयोजित कार्यक्रमों में मनाया जाता है।
इनमें से ज़्यादातर चंद्र कैलेंडर के हिसाब से चलते हैं, इसलिए तारीख़ें हर साल बदलती हैं — बुक करने से पहले जाँच लीजिए।

