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मुंबई के क्रॉफ़र्ड मार्केट का घंटाघर और पत्थर का अग्रभाग

क्रॉफ़र्ड मार्केट और बाज़ार

मसाले, चाँदी और रमज़ान की रातें

CSMT से उत्तर की ओर दस मिनट की पैदल दूरी पर क्रॉफ़र्ड मार्केट — आधिकारिक नाम महात्मा ज्योतिबा फुले मंडई — 1869 में खुला। इसके नॉर्मन-गॉथिक घंटाघर और प्रवेश-द्वार के ऊपर लॉकवुड किपलिंग (रडयार्ड के पिता) द्वारा डिज़ाइन की गई पत्थर की उभरी नक़्क़ाशी के पीछे लोहे की छत वाला विशाल हॉल है, जहाँ फल, मसाले, सूखे मेवे, मिठाइयाँ और घरेलू सामान बिकता है।

इसके आगे पुराना “नेटिव टाउन” शुरू होता है: एक के बाद एक गलियों में ख़ास चीज़ों के बाज़ार। मंगलदास मार्केट में कपड़ा, ज़वेरी बाज़ार में सोना-चाँदी, चोर बाज़ार में प्राचीन वस्तुएँ और कबाड़ बिकता है। इन सबके बीच से उत्तर की ओर जाती है मोहम्मद अली रोड, शहर के मुस्लिम इलाके का दिल।

क्या देखें और क्या करें: क्रॉफ़र्ड मार्केट और बाज़ार

क्रॉफ़र्ड मार्केट में ख़रीदारी कीजिए

मसालों, चाय, सूखे मेवों और, मोटे तौर पर अप्रैल से जून तक, हापुस आमों के लिए आइए। प्रवेश-द्वार पर अनधिकृत “गाइड” आपके साथ लग सकते हैं; दृढ़ता से “नहीं, धन्यवाद” कह देना काफ़ी है।

बाज़ारों से होते हुए मुंबादेवी तक

मंगलदास मार्केट और ज़वेरी बाज़ार से होकर मुंबादेवी मंदिर तक चलिए, जो उस देवी को समर्पित है जिनसे मुंबई को अपना नाम मिला।

रमज़ान में मोहम्मद अली रोड पर खाइए

पवित्र महीने में मीनारा मस्जिद के आसपास की सड़कें सूर्यास्त के बाद कबाब, नल्ली निहारी, मालपुआ, फिरनी और बहुत कुछ बेचते ठेलों से देर रात तक भरी रहती हैं। यह खाने का शानदार और बेहद भीड़ भरा अनुभव है। रमज़ान के बाहर इलाके के पुराने रेस्तराँ और मिठाई की दुकानें सामान्य रूप से खुली रहती हैं।

चोर बाज़ार में खोजबीन कीजिए

मटन स्ट्रीट के आसपास का “चोर बाज़ार” पुरानी घड़ियों, फ़िल्मी पोस्टरों, पीतल के सामान, फ़र्नीचर और अनोखी चीज़ों का कारोबार करता है। कई दुकानें शुक्रवार को बंद रहती हैं।

क्रॉफ़र्ड मार्केट के भीतर स्टॉलों की गली में ख़रीदारशाम के ट्रैफ़िक के ऊपर रोशनी से जगमगाती मीनारा मस्जिद

कैसे पहुँचें

  • पैदल: क्रॉफ़र्ड मार्केट CSMT से लगभग 10–15 मिनट की पैदल दूरी पर है।
  • ट्रेन से: मस्जिद स्टेशन (सेंट्रल और हार्बर लाइन) मोहम्मद अली रोड के सबसे नज़दीक है; मरीन लाइन्स (वेस्टर्न लाइन) ज़वेरी बाज़ार के सबसे नज़दीक।
  • गाइड के साथ: बाज़ार और स्ट्रीट फ़ूड टूर इन गलियों में घूमना कहीं आसान बना देते हैं।

स्थानीय सुझाव

  • ख़रीदारी के लिए सुबह जाइए और खाने के लिए अँधेरा होने के बाद।
  • मुख्य बाज़ार रविवार को शांत या आंशिक रूप से बंद रहता है।
  • गलियाँ तंग और भीड़ भरी हैं: छोटा बैग अपने आगे रखिए और फ़ोन सँभालकर रखिए।
  • शालीन कपड़े पहनिए, ख़ासकर अगर आप किसी मस्जिद या मंदिर में जाने की सोच रहे हैं।

इस जगह को शामिल करने वाले टूर

ये गाइडेड अनुभव इस जगह को कवर करते हैं या इसके साथ आसानी से जोड़े जा सकते हैं:

मक्खन लगे पाव, कटे प्याज़ और नींबू के साथ पाव भाजी की प्लेट शाम की फ़ूड वॉक शुरुआती US$15
🕒 3.5 घंटे 📍 प्रस्थान दक्षिण मुंबई

मुंबई: स्ट्रीट फ़ूड और नाइट मार्केट टूर

मुंबई के नाइट मार्केट से होकर शाम की सैर, जिसमें उन ठेलों पर रुकते हैं जहाँ स्थानीय लोग क़तार लगाते हैं। रास्ते में आप कई शाकाहारी और मांसाहारी स्नैक्स चखते हैं, और चुनाव गाइड करता है — बिना यह अंदाज़ा लगाए कि किस ठेले पर भरोसा करें, मुंबई का स्ट्रीट फ़ूड खाने का सबसे पक्का तरीक़ा।

  • जाने-माने ठेलों पर शाकाहारी और मांसाहारी स्नैक्स
  • अँधेरा होने के बाद जगमगाते नाइट मार्केट और बाज़ार
  • स्थानीय गाइड के चुने हुए ठेले
दादर फूल बाज़ार में बिक्री के लिए रखे रंग-बिरंगे फूलों के गुलदस्ते सुबह-सवेरे का गाइडेड टूर शुरुआती US$16
🕒 3–3.5 घंटे 📍 प्रस्थान दक्षिण मुंबई

मुंबई की सुबह: फूल, मछली और दूसरे बाज़ारों का टूर

नाश्ते से पहले की मुंबई: शोर-शराबे से भरा मछली बाज़ार, फूल बाज़ार के रंग, पटक-पटककर धुलते सुबह के कपड़े और लोकल ट्रेन की सवारी। यह वह शहर है जिसे ज़्यादातर सैलानी सोते-सोते गँवा देते हैं।

  • पूरे ज़ोर पर चलता थोक मछली बाज़ार और फूल बाज़ार
  • सुबह की धुलाई का नज़ारा
  • लोकल ट्रेन की सवारी
मुंबई के अपने दिन प्लान करें

मुंबई उसके साथ देखिए जो इसे जानता है

गेटवे, एलीफेंटा की गुफाएँ, बाज़ार, लोकल ट्रेन और सही ठेले पर पाव भाजी की प्लेट — एक अच्छा गाइड इस बड़े, शोर भरे शहर को आसान बना देता है। टूर की तुलना कीजिए और कुछ ही क्लिक में बुक कीजिए।

काम की बातें

क्रॉफ़र्ड मार्केट और बाज़ार: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्रॉफ़र्ड मार्केट का आधिकारिक नाम क्या है?

महात्मा ज्योतिबा फुले मंडई। टैक्सी ड्राइवरों समेत हर कोई इसे अब भी क्रॉफ़र्ड मार्केट ही कहता है।

मोहम्मद अली रोड पर रमज़ान का खाने का बाज़ार कब लगता है?

रमज़ान की हर शाम, सूर्यास्त से देर रात तक। तारीख़ें हर साल लगभग ग्यारह दिन पहले खिसक जाती हैं, इसलिए कैलेंडर देख लीजिए।

क्या मोल-भाव की उम्मीद की जाती है?

सड़क पर और चोर बाज़ार में, हाँ — हँसी-ख़ुशी के साथ। खाने के ठेलों और दाम लिखी दुकानों में कीमतें तय होती हैं।